29 फ़रवरी 2012

ऊँचाई

मै वहाँ पहुँचा
और डर गया

मेरे शहर के लोगो
यह कितना भयानक है
कि शहर की सारी सीढ़ियाँ मिलकर
जिस महान ऊँचाई तक जाती है
वहाँ कोई नहीं रहता!

-केदारनाथ सिंह

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