बना रहे बनारस
29 फरवरी 2012
ऊँचाई
मै वहाँ पहुँचा
और डर गया
मेरे शहर के लोगो
यह कितना भयानक है
कि शहर की सारी सीढ़ियाँ मिलकर
जिस महान ऊँचाई तक जाती है
वहाँ कोई नहीं रहता!
-केदारनाथ सिंह
3 प्रतिक्रिया:
Pratibha Katiyar
March 01, 2012
वहां कोई नहीं रहता...वाकई!
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प्रवीण पाण्डेय
March 01, 2012
सफलता अकेली है..
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gayatree
March 06, 2012
mahan ban k jeen mushkil hai....log jeena chahate hain..
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वहां कोई नहीं रहता...वाकई!
प्रत्युत्तर देंहटाएंसफलता अकेली है..
प्रत्युत्तर देंहटाएंmahan ban k jeen mushkil hai....log jeena chahate hain..
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